: कुक्षी लोहारी पंचायत के जवाब दारो की लापरवाही से विधवा गोरा बाई सहित 4 लोगो का परिवार खुले आसमान के नीचे बारिश में नरकीय जीवन जीने को मजबूर ज़वाब दारो नें फेरी आँखे
लोहारी पंचायत के जवाब दारो की लापरवाही से विधवा गोरा बाई सहित 4 लोगो का परिवार खुले आसमान के नीचे बारिश में नरकीय जीवन जीने को मजबूर ज्वाबदारो ने आंखे फेरीपीएम आवास की स्वीकृति के बावजूद नहीं मिला घरकुक्षी की बुजुर्ग विधवा, बहू और बच्चे पेड़ के नीचे रह रहे, जॉब कार्ड में एरर से योजना का लाभ रुका
कुक्षी तहसील के लोहारी गांव में एक विधवा परिवार पेड़ के नीचे रहने को मजबूर है। 80 वर्षीय विधवा गौराबाई, उनकी विधवा बहू राधाबाई और तीन बच्चे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ न मिलने के कारण खुले में रह रहे हैं। यह वाकया जरूरतमंद लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध प्रशासन तंत्र की नाकामी को दर्शाता है।
दस साल पहले गौराबाई के बेटे कुंवरसिंह की मृत्यु हो गई थी। परिवार एक कच्चे मकान में रहता था और मजदूरी करकेगुजारा करता था। दस महीने पहले उनकी झोपड़ी की कच्ची दीवार गिर गई। पटवारी और पंचायत सचिव ने पीएम आवास दिलाने का आश्वासन देकर पूरी झोपड़ी तुड़वा दी।
गौराबाई ने बताया कि उन्होंने पीएम आवास के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज पंचायत में जमा किए। उनकी बहू का नाम स्वीकृत सूची में भी आ गया। लेकिन अब पंचायत के अधिकारी जॉब कार्ड में त्रुटि का हवाला देकर लाभ देने से मना कर रहे हैं। पंचायत सचिव ने ग्रामसभा में कहा कि वे जहां चाहें शिकायत कर सकते हैं।
वर्तमान में परिवार पेड़ के नीचे ही भोजन बनाता और सोता है। बारिश के मौसम में बिजली चमकने पर बच्चे डर जाते हैं। पुरानी झोपड़ी में पूरे परिवार के सोने की जगह भी नहीं है। गौराबाई का बड़ा बेटा भी गांव में रहता है, लेकिन उनसे संबंध अच्छे नहीं हैं।यह मामला प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है, जहां स्वीकृत होने के बावजूद एक जरूरतमंद परिवार आवास योजना के लाभ से वंचित है।
इस मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच अमर सिंह वास्केल ने बताया कि पहले इनका सामूहिक परिवार था। समग्र आईडी में सारा परिवार जुड़ा हुआ था जिसकी मुखिया गौराबाई थी तब उनके बड़े बेटे को पीएम आवास स्वीकृत हुआ था । इसके बाद समग्र आईडी प्रथक तो करवा ली लेकिन जॉबकार्ड में त्रुटि बनी रही । इनका पीएम आवास स्वीकृत हुआ है पर लाभ नहीं मिल पा रहा। सरपंच ने गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला को धार जाने की सलाह दी। कहा किवास्केल ने कहा कि जॉबकार्ड में इरर आ रहा तो हम क्या करे । हम इसमें कुछ नहीं कर सकते है ।इस मामले में जनप्रतिनिधि भी मौन धारण किए हुए हैं और बहू की मदद करने के लिए किसी ने कोई पहल नहीं की है । सरकार एक तरफ बड़े-बड़े कैंप लगाकर कल्याणकारी योजनाओं का फायदा दिलाने के लिए, आवश्यक दस्तावेजों की कमी को पूर्ण करने के लिए बड़ी राशि व्यय कर रही है तो फिर इस जरूरतमंद परिवार को पी एम आवास का फायदा क्यों नहीं मिल पा रहा |