Rajendra Devray / Fri, Mar 13, 2026 / Post views : 186
धार | धार जिले के किसानों द्वारा द्वितीय चरण के आंदोलन के अंतर्गत सैकड़ों किसान धार मुख्यालय पर एकत्रित हुए। किसान बड़ी संख्या में रैली के रूप में किसान अधिकारों के नारे लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय परिसर पहुंचे और वहां शांतिपूर्ण धरना दिया।
धरने के दौरान किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा। किसानों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से सहकारी समितियों के ऋण भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाने, ओवरड्यू किसानों को राहत देने, गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर करने, खरीदी केंद्रों पर हो रही अव्यवस्थाओं को दूर करने तथा किसानों से अतिरिक्त गेहूं तौलने की प्रथा को बंद कराने जैसी मांगें शामिल हैं।
किसानों का कहना था कि उनकी कई स्थानीय मांगें ऐसी हैं जिनका समाधान केवल कलेक्टर स्तर पर ही संभव है। इसी कारण किसान कलेक्टर महोदय को ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े रहे।
इस दौरान प्रशासन की ओर से कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में जिला पंचायत के सीईओ एवं एसडीएम ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे, लेकिन किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपना ज्ञापन सीधे कलेक्टर महोदय को ही सौंपना चाहते हैं।
इसके बाद किसानों ने एसडीएम महोदय से अनुरोध किया कि उनकी कलेक्टर महोदय से फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से बात करवा दी जाए, ताकि वे अपनी बात रख सकें और ज्ञापन सौंप सकें, लेकिन प्रशासन की ओर से यह अनुरोध भी स्वीकार नहीं किया गया।
इसके पश्चात किसानों ने निर्णय लेते हुए एसडीएम महोदय से कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन चस्पा करने की अनुमति मांगी। अनुमति नहीं मिलने पर किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर वहां ज्ञापन चस्पा कर दिया। साथ ही किसानों ने ज्ञापन की प्रतियां कलेक्टर कार्यालय परिसर में उछालते हुए “इंकलाब जिंदाबाद”, “भारत माता की जय” और “किसान एकता जिंदाबाद” के नारे लगाए।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर अशोक पटेल, रणजीत पाटीदार, परितोष सिंह, कैलाश पाटीदार, विशाल पाटीदार, रवि राव, संदीप पाटीदार, गोपाल पाटीदार, गोवर्धन पाटीदार, कमल पाटीदार, मयंक नायमा, झमक चौधरी, सचिन पाटीदार सहित अन्य किसानों ने अपने विचार रखे। साथ ही क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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