Rajendra Devray / Sat, Oct 11, 2025 / Post views : 39
👉हो रही नाम मात्र किराया वसुली
👉सड़क पर अतिक्रमण के कारण हो रहे हादसे,
👉रोज लग रहा जाम
👉वसूली का दिखावा
👉जिम्मेदार मोन
👉 कई दुकानें आज भी 1रुपए
रोज के किराए पर चल रही हैं
👉कहीं पर 111 रुपए प्रतिमाह, कहीं पर 200 तो कहीं पर 500 रु प्रति माह का किराया वसूला जा रहा है।
मनावर एक तरफ नगर पालिका में कर्मचारियों का वेतन और सुधार कार्यों का पैसा भी पूरा नहीं पा रहा है।
जिससे नगर पालिका द्वारा आम जनता पर टैक्स के रूप में भार बढ़ाया जा रहा है।
कचरा गाड़ी का कर नलकर में बढ़ोतरी कर दी गई है।
वह आम लोगों की जीवन पर कर के रूप में भार दो गुना कर दिया गया है।
कहने को नपा के अधिकार की सारी दुकाने मनावर के ह्रदय स्थल गांधी चौराहे पर ही बानी हुई हैं।
पर नगर पालिका ने इंदौर रोड, धार रोड़, सिंघाना रोड़ पर यह दुकाने नाम मात्र से किराये पर दे कर राजस्व और नगर वासियों का भारी नुकसान किया है।
आज मनावर में पूरे समय जाम लगा रहता है। जिसका कारण इन दुकानों के अतिक्रमण और फुटपाथ पर खड़े वाहनों के कारण जाम लगते हैं।
बीते दिनों हुए एक गंभीर हादसे में एक बुजुर्ग के पैर काटने का मार्मिक दृश्य भी देखा गया था।
जो इन्हीं अतिक्रमण और वाहनों के कारण हुआ है।
नगर पालिका की 60 दुकाने हैं। जिन सभी दुकानों का किराया कुल मिलाकर 30 हज़ार रुपये महीना भी नही आ रहा है।
पर आज मनावर की आम जनता धूल व जाम में फंस कर पल पल परेशान हो रही है।
मनावर बस स्टेंड के आसपास की दुकानो का किराया हजारों रुपये प्रतिमाह तक दुकान मालिक वसूल रहे है।
वही नगर पालिका की मेहरबानी से मात्र 30 रुपये माह में किराये पर कई वर्षों से दुकाने चल रही है।
इन्ही दुकानों से आगे सड़क नाली व फुटपाथ की जगह पर भी अतिक्रमण कर रखा है।
जिसका खमियाजा पूरा शहर भुगत रहा है।
मनावर नगर पालिका की अधिकृत दुकानों का किराया नाम मात्र का है।
मनावर नगर पालिका परिषद द्वारा लगभग 60 दुकानों की सूची एक आरटीआई के माध्यम से निकल गई।
जिसमें किराए की दर देखकर आप स्वयं ही आश्चर्यचकित हो जाएंगे।
यह किराया एक आम व्यक्ति के प्रतिदिन चाय पानी के खर्चे से भी काम है
और लंबे समय से यह दुकान इसी किराए में चल रही है।
वर्तमान में जब मोबाइल का 1 रिचार्ज भी 900 से हजार रुपए का हो गया है।
ऐसे समय में भी कई दुकानें केवल 1 रु प्रतिदिन में चलाई जा रही है।
अब आप सोच सकते हैं कि सरकारी संपत्ति का किस तरह से दुरुपयोग हो रहा है। इन्हीं दुकानों में कई दुकानदार ऐसे हैं जो दुकानों को किराये से देकर प्रति माह हजारों रुपए किराया उठा रहे हैं।
और साल में दो से तीन लाख रुपए तक किराया वसूल लेते हैं। परंतु अभी भी उनकी दुकानों का किराया नपा को केवल 200 से 300 रु प्रति महीना ही दिया जा रहा है। आरटीआई में मिली जानकारी के आधार पर धार रोड बस स्टैंड के बाहर 20 दुकानों की सूची में उक्त दुकानों की सार्वजनिक वसूली में दर्ज होने वाली मासिक किराया वसूली का विवरण दिया गया है।
जिसमें कई दुकानें से केवल एक रुपए प्रतिदिन के हिसाब से किराया भुगतान हो रहा है।
👉कहीं पर 111 रुपए प्रतिमाह, कहीं पर 200 तो कहीं पर 500 रु प्रति माह का किराया वसूला जा रहा है।
ठीक इसी प्रकार इंदौर रोड बस स्टैंड के बाहर की 17 दुकानों में भी नाम मात्र का किराया वसूला जा रहा है।
वही नगर पालिका के बाहर की 23 दुकानें जो एसबीआई बैंक के सामने से थाना परिसर के सामने बनी हुई है।
वहां पर केवल 4 से 5 दुकानों में ही 1 हजार रुपए प्रति माह से अधिक का किराया वसूला जा रहा है।
ऐसे में राजस्व का तो लाखों रुपए का नुकसान हो ही रहा है। परंतु आम जनता पर भी इन अनदेखीयों से हजारों रुपए प्रति माह का कर बोझ के रूप में बढ़ता जा रहा है। हालांकि नगर पालिका से मिली जानकारी अनुसार अब से यह किराया 500 रु प्रति महीना कर दिया गया है। परंतु दुकानों का किराया अगर बाजार भाव से देखा जाए तो वास्तविक किराया हजारों रुपए बनता है। साथ में मनावर में अतिक्रमण नगर के बीच जम चुका है। जिसे हटाना अब नगर पालिका के बस में दिखाई नहीं दे रहा। मनावर नगर पालिका में आम लोगो के लिए बनाई गई मूलभूत सुविधाये जो 40 वर्ष पूर्व से बनी हुई थी।
उन सुविधाओं पर भी अतिक्रमण कर कब्ज़ा जमा लिया गया है। मूलभूत सुविधाएं जैसे शौचालय चालय, प्याऊ, नलकूप, कुए की जगह भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है। जिसके किराए का नगर पालिका के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
वर्ज़न - हमने अगस्त माह में परिषद की बैठक में यह विषय रखा था। जिसमे नगर पालिका परिषद ने यह निर्णय प्रस्तावित किया है कि नगर पालिका की दुकानों का किराया बढ़ाकर 500 रु प्रति महीना कर दिया जाए।
- नपा सीएमओ संतोष चौहान।
फोटो - 01 सड़क हादसे में घायल हुआ बुजुर्ग।
फोटो - 02 धार रोड़ पूर्ण रूप से अतिक्रमण की भेंट चढ़।
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