सेंधवा शहर में शनिवार को सावन माह के अवसर पर भगवान राज राजेश्वर महादेव फूलों से सुसज्जित पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकले। शिव डोले का जगह-जगह पर पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। शहर के लोगों ने पालकी में विराजित भगवान राज राजेश्वर के दर्शन किए।
शिव डोले में ढोल-ताशे पर युवा जमकर झूमे। डोला झांकी मार्ग से होता हुआ देर रात को राजेश्वर महादेव मंदिर में समाप्त हुआ। हिंदू समाज सेवा समिति के तत्वाधान में शनिवार शाम 5 बजे किला परिसर स्थित रजारेश्वर मंदिर से शिव डोले की शुरुआत हुई। पालकी के आगे युवा डमरू और नगाड़े बजाते हुए चल रहे थे।
शहर में विभिन्न समाज और संगठनों ने जगह-जगह पर पुष्प वर्षा कर शिव डोले का स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने पोस्टर बैनर से स्वागत द्वार भी लगाए थे। शिव डोला मार्ग पर
विभिन्न जगहों पर स्टॉल भी लगाए गए थे।
भोलेनाथ और पार्वती की जीवंत झांकी रही आकर्षण का केंद्र
शिव डोले में उज्जैन से आए महा अघोरी, नदी पर सवार बाबा भोलेनाथ और पार्वती की जीवंत झांकी, 12 ज्योतिर्लिंग की झांकी और शिव अभिषेक की झांकी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। अघोरी दल के कलाकारों ने करतब दिखाएं।
शिव डोला किला गेट चौराहा से पुराना एबी रोड, गुरुद्वारा रोड, संत विनोबा मार्ग, मोती बाग चौक से होता हुआ किला परिसर स्थित राजेश्वर मंदिर पर पहुंचकर यहां महा आरती के बाद देर रात समापन हुआ। इसके बाद प्रसादी वितरण किया गया।