: मनावर महंगी पुस्तकों को लेकर प्रकाशित पुलिस पब्लिक न्यूज चैनल की खबर का हुवा असर, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी निकले जांच पर जांच जारी
महंगी पुस्तकों को लेकर प्रकाशित पुलिस पब्लिक न्यूज चैनल की खबर का हुवा असर, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी निकले जांच पर जांच जारी
खबरों से प्राप्त जानकारी सही, पुस्तकें रजिस्टर बोहोत मेंहैगे
मनावर।। निजी विद्यालयों में अत्यधिक कीमतों पर पलकों से बच्चों की पढ़ाई हेतु पुस्तक खरीदने का दबाव बनाया जा रहा था। जिसको लेकर समाचार पत्रों में प्रमुखता से बुधवार को खबर प्रकाशित की गई थी। जिस पर खबर का असर देखने को मिला है और बुधवार को ही जिला शिक्षा अधिकारी एवं मनावर शिक्षा अधिकारी द्वारा पुस्तक विक्रय करने वाली कपड़े की दुकान एवं निजी विद्यालय का भ्रमण किया गया। धार जिला डीपीसी प्रदीप खरे ने बताया की मनावर में जो शिकायतें मिल रही थी। उसकी हमारे द्वारा जांच की गई है और विद्यालय जाकर हमने इसका निरीक्षण भी किया है। वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय और पुस्तक विक्रेता के बयान में फर्क आ रहा है। विचार करने वाला विषय यह भी है, कि जिस निजी विद्यालय की यह किताबें कपड़े की दुकान पर मिल रही थी। वह बिना जीएसटी के कच्चे बिल पर बिक्री कर रहा था। अगर लाखों रुपए की किताबें बिना किसी पक्के बिल के बिक्री की जा सकती है। तो फिर इस पर सरकार की नजर क्यों नहीं जा रही। क्योंकि अगर 4 से 5 हज़ार रुपये का कोर्स विद्यालयों का आ रहा है। तो उसे विद्यालय में पढ़ने वाले हजारों बच्चों का कोर्स कच्चे बिल पर कितनी बड़ी मात्रा में खरीदा जा रहा होगया। यह विचार करने का विषय है। खरे ने कहा अभी इस पर जांच जारी है, जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी। वही मनवर बीआरसी किशोर बागेश्वर ने कहा कि उक्त शिकायत को लेकर हमारे द्वारा सभी निजी विद्यालय संचालकों को लगभग 1 माह पूर्व सचेत किया गया था। कि इस तरह से कोर्स की बढ़ी हुई कीमत पालकों के लिए उचित नहीं है। साथ ही जिन पालक गणो के बच्चे विद्यालय में अध्यनरत है। उन्हें मोटी फीस देने के साथ-साथ विद्यालय की यूनिफॉर्म, स्कूल बस, और अन्य गतिविधियों के लिए भी अलग-अलग तरह से फीस देना होती है। जो की स्कूल फीस के अतिरिक्त ली जाती है। ऐसे में इतना महंगा कोर्स बच्चों पर थोपना यह अनुचित होगा। शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार मौलिक अधिकार किस श्रेणी में आता है। जिसका उपयोग लोग व्यापार में भारी मुनाफा करने के लिए कर रहे हैं। इस पर सरकार की नजर लंबे समय से बनी हुई है और जल्द ही इसमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वही पूरे मामले पर मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से जिला अधिकारियों द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है। जिसमें शिवनी, देवास और सतना जिले में जिलाधिकारी द्वारा कक्षा पहली से आठवीं तक के कोर्स बिक्री की कीमतों का निर्धारण कर दिया गया है। साथ ही यह स्पष्ट कर दिया गया है, कि कोई भी निजी विद्यालय दुकानदारों साथ मिलकर इन विषय की किताबों को अधिक कीमतों पर बेचते दिखाई देते हैं। तो उन पर दण्डनात्मक कार्रवाई की जाएगी।