Rajendra Devray / Thu, Mar 12, 2026 / Post views : 89
[video width="1280" height="736" mp4="https://policepublicnews.com/storage/2026/03/VID-20260312-WA0051.mp4"][/video]
बड़वानी जिले के क्षेत्र में जनजातीय बंधुओं के द्वारा इंदल देव की पूजा याने प्रकृति की पूजा जिसमें वृक्ष नदी पहाड़ सूर्य देव की पूजा की जातीं हे जिससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलता है मसला डा सुमेर सिंह सोलंकी ने उठाया राज्य सभा में
सहकारिता, शिक्षा और डेयरी क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को राज्यसभा में उठाया – डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी
राज्यसभा के बजट सत्र के दौरान मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने सहकारिता, शिक्षा और डेयरी क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को सदन में उठाते हुए केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इन प्रश्नों के माध्यम से उन्होंने देश में सहकारी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, भारतीय भाषाओं में शिक्षा के विस्तार, स्कूल शिक्षा के बुनियादी ढांचे और डेयरी क्षेत्र के विकास जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी और सशक्त बनाने के संबंध में डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने सरकार से राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। इसके उत्तर में केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से विकसित किया गया है और इसका शुभारंभ 8 मार्च 2024 को किया गया। इस पोर्टल में देश की 8.4 लाख से अधिक सहकारी समितियों और लगभग 31 करोड़ सदस्यों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई है, जिससे नीति निर्माण, निगरानी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।
सहकारी समितियों के प्रशासन को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से डॉ. सोलंकी ने रजिस्ट्रार ऑफ कोऑपरेटिव सोसायटी (आरसीएस) कार्यालयों के कंप्यूटरीकरण की प्रगति के बारे में भी प्रश्न उठाया। इसके उत्तर में सरकार ने बताया कि यह परियोजना देश के अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रगति पर है। इस पहल के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा 82.85 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से लगभग 29.02 करोड़ रुपये राज्यों को जारी किए जा चुके हैं और लगभग 18 करोड़ रुपये का उपयोग हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर विकास और अन्य कार्यान्वयन संबंधी गतिविधियों में किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के विषय में डॉ. सोलंकी ने सरकार से भारतीय भाषा पुस्तक योजना के उद्देश्य और उसके क्रियान्वयन के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके उत्तर में शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप इस योजना के माध्यम से भारतीय भाषाओं में उच्च गुणवत्ता की शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अंतर्गत 22 भारतीय भाषाओं में पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने, तकनीकी और उच्च शिक्षा की पुस्तकों के अनुवाद तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अध्ययन सामग्री को सुलभ बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के संदर्भ में डॉ. सोलंकी ने समग्र शिक्षा योजना और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी। इसके उत्तर में शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि समग्र शिक्षा योजना के माध्यम से प्री-स्कूल से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा को एकीकृत रूप से सुदृढ़ किया जा रहा है। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान देशभर में 42 हजार से अधिक अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण और लगभग दो हजार नए अथवा उन्नत स्कूलों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार हो रहा है।
डेयरी क्षेत्र के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के विषय में डॉ. सोलंकी ने डेयरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास निधि के तहत की जा रही प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके उत्तर में केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत डेयरी अवसंरचना को मजबूत करने के लिए विभिन्न राज्यों में परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। दिसंबर 2025 तक इस योजना के माध्यम से लगभग 293.75 लाख किलोग्राम प्रतिदिन दूध खरीद क्षमता और लगभग 103.95 लाख लीटर प्रतिदिन दूध प्रसंस्करण क्षमता विकसित की जा चुकी है, जिससे डेयरी क्षेत्र को नई मजबूती मिली है।
राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सहकारिता, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि संसद में इन विषयों को उठाने का उद्देश्य देश के किसानों, विद्यार्थियों, सहकारी संस्थाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े करोड़ों लोगों के हितों को सशक्त करना है।
डॉ. सोलंकी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से देश में सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी, भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा डेयरी क्षेत्र के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन