Rajendra Devray / Sun, Nov 16, 2025 / Post views : 350



और संघस्थ क्षुल्लिका विश्व रत्न श्री माताजी द्वारा आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ,यहां ये उल्लेखनीय है कि बड़वानी में श्री यादव द्वारा प्रथम पंच कर्म केंद्र स्थापित किया गया है। उनके उत्कृष्ट सेवा ,समर्पण और उत्कृष्ट उपचार और साधु संतों के प्रति विनम्र भाव के लिए आर्यिका माताजी ने खूब सारा आशीर्वाद दे कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी
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