: धार तिरला शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सिस्टम की वीफलता से स्कूल में 10 दिनों से लगे ताले नहीं खुला स्कूल शिक्षक वन स्कूल में शिक्षकों की नहीं की वैकल्पिक व्यवस्था बड़ी लापरवाही आई सामने
शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सिस्टम की विफलता से स्कूल में 10 दिनों से लगे ताले नही खुला स्कूल शिक्षक विहीन स्कूल में शिक्षकों की नहीं की कोई वैकल्पिक व्यवस्था बड़ी लापरवाही आई सामने |तबादले से शिक्षकविहीन हुआ विद्यालय, 10 दिनों से ताले लगे हुवे है मामला शासकीय प्रा. वि. सियारी की स्कूल का
तिरला के पास के ग्राम सियारी के शासकीय स्कूल में ताले लगे हुए है।
तत्र की सुस्ती के किस्से मप्र में सामने आते रहते हैं, पर तंद्रा नहीं टूटती।
ऐसा ही मामला धार जिले में सामने आया है तिरला विकासखंड मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सियारी के पटेल फलिये में स्थित प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ दोनों शिक्षकों का तबादला कर दिया, लेकिन उनकी जगह दूसरे शिक्षकों की पदस्थापना नहीं की गई
नतीजा यह हुआ कि विद्यालय शिक्षकविहीन हो गया।
ऐसे में 10 दिनों से ताले ही नहीं खुले स्कूल के हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदारों ने मामले की सुघ तक नहीं ली।
नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन यहां न तो शिक्षण कार्य प्रारंभहुआ है
और न ही बच्चों की उपस्थिति दर्ज हुई है।
दीवारों पर तो 'सब पढ़ें, सब बढ़ें' जैसे प्रेरणादायी नारे जरूर लिखे हैं,
लेकिन ये अब सिर्फ दिखावे तक सीमित रह गए हैं।
यह स्कूल कन्या हाई स्कूल संकुल के अंतर्गत आता है।
इस प्राथमिक विद्यालय में शासन द्वारा दो शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया नई पद स्थापना करना जिम्मेदार भूल गए
कार्रवाई प्रस्तावित
विकासखंड शिक्षा अधिकारी सीमा मिश्र ने बताया कि स्कूल संचालन की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक को दी गई थी,वे कार्य पर उपस्थित नहीं हुए। साथ ही संकुल प्राचार्य द्वारा भी लापरवाही बरती गई है।
दोनों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की है।
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग नरोत्तम वरकड़े ने बताया कि विद्यालय के दोनों शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ था, लेकिन उन्हें रिलीव करने की आवश्यकता नहीं थी। संबंधित अधिकारी से बात कर वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
की नियुक्ति की गई थी, लेकिन नए सत्र की शुरुआत से पहले ही दोनों का स्थानांतरण हो गया। संकुल प्राचार्य द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना दोनों शिक्षकों को रिलीव कर दिया गया।
विद्यालय में करीब 40 छात्र पंजीकृत हैं, जिनका भविष्य फिलहाल अनिश्चितता के अंधेरे में डूबा हूवा हैंदेखते हैं खबर कर बाद क्या कार्यवाही करता हे