Rajendra Devray / Sun, Sep 14, 2025 / Post views : 303
इस राम जानकी मंदिर में पिछले 15 वर्षों से लगातार प्रतिवर्ष पितृपक्ष में भागवत कथा का आयोजन किया जाता है, कथा व्यास
ज्ञानमूर्ति पं, दिवाकर शास्त्री जी कथा कहते हुए कहा की भागवत कथा में चार अक्षर है भा-ग-व-त - भा से भक्ति ग गयान व से वैराग्य त से तपस्या प्रभु के चरणों में तपस्या धर्म अर्थ काम मोक्ष की प्राप्ति होती है भागवत जी कल्पवृक्ष है जिस कामना से इस्मरण किया जाए वह कामना अवश्य पूर्ण होती है,
इस अवसर पर महामंडलेश्वर रामशरण दास त्यागी, रविंद्र गौतम, विवेदी पांडेय,संजय केसरी,ओम प्रकाश गुप्ता, प्रदीप मानसिंधा, शिवकुमार रस्तोगी, नयन श्री केसरी,मुन्ना लाल कसेरा, शिव प्रकाश गुप्ता, पप्पू रस्तोगी और कई समाज सेवक और सम्मानित लोग उपस्थित रहे , हड़हा, बेनिया,पियरी,भुलेटन, गोला,रेशम कटरा,चौक और आसपास के क्षेत्र से आए बुजुर्ग महिला पुरुष बच्चों सहित (300 सौ के लगभग) श्रद्धालुओं की सैकड़ो की संख्या में भीड़ उपस्थित थी ,
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