: सेंधवा वरला तहसील क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और जिला कांग्रेस कमेटी में जिला महामंत्री रामचंद्र पाटील ने संगठन में अपनी उपेक्षा के चलते अपने पद से इस्तीफा दिया
सेंधवा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य वरला-बलवाड़ी क्षेत्र से कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों का लगातार अपने पद से इस्तीफा दिए जाने का सिलसिला जारी है। बुधवार को वरला तहसील क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और जिला कांग्रेस कमेटी में जिला महामंत्री रामचंद्र पाटील ने संगठन में अपनी उपेक्षा के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नाम बड़वानी जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष नानेश चौधरी दिए गए इस्तीफे में उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री पद से त्यागपत्र देना और इसे स्वीकृत करने की मांग की है।
रामचंद्र पाटील ने बताया कि बड़वानी जिला कांग्रेस संगठन कार्यकर्ताओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। संगठन में उनकी उपेक्षाएं हो रही है। इसी के चलते उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है।
वह कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता थे और कार्यकर्ता बनकर ही अपना काम करेंगे।
मंडलम अध्यक्ष भी दे चुके है इस्तीफा
वहीं वरिष्ठ नेता के इस्तीफा दिए जाने से कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई है। इसके पहले वरला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष किशोर राठौड़ और बलवाड़ी मंडलम अध्यक्ष सईद कुरैशी भी अपना इस्तीफा दे चुके हैं।
रामचंद्र पाटिल पिछले 46 सालों से कांग्रेस पार्टी का कार्य कर रहे है। इस दौरान वे कांग्रेस संगठन के कई पदों पर रहे। पूर्व विधायक ग्यारसीलाल रावत के काफी करीबी माने जाते है। पाटिल ने 1978 में कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया था। तब से लेकर आज तक कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बनकर काम रहे हैं। इसके साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री सुभाष यादव, दिग्विजय सिंह और बाला बच्चन के करीबी भी रहे हैं।