Rajendra Devray / Wed, Sep 3, 2025 / Post views : 320
सर्प दंश वालों की ताती छुड़वाकर की गई पूजा अर्चना, मन्नत धारी ने फलों से तोलकर की मन्नत पूर्ण
बस स्टैड पर देखा अद्भुत संगम,वीर तेजाजी के चल समारोह एवं रामदेव जी के डोल का हुआ मिलन
बगड़ी/बागड़ी सहित आसपास के क्षेत्र में तेजा दशमी का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया यहां प्राचीन मंदिर में सुबह से ही पूजा अर्चना करने वालों की भीड़ लगी वही मंदिर परिसर में मेला लगा जिसमें जमकर लोगों ने खरीदारी की मंदिर में सर्प दंश वालों की ताती छुड़वाकर की गई पूजा अर्चना, मन्नत धारी ने फलों से तोलकर की मन्नत पूर्ण। देर शाम को भगवान के निशान का चल समारोह निकाला गया।
प्राचीन परंपराओं के अनुसार तेजा दशमी का पर्व बगड़ी के साथ आली कटोडीया, गुलवां, रतवा, बांग्ला, बिल्लोद,सीलोटिया, सगड़ी, बिलोदा, शंकरपुरा, आदि स्थानों पर उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं के द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना की गई वहीं कई स्थानों पर मेला आयोजित हुआ। बगड़ी में मंदिर परिसर में भी श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की सर्प दंश पीड़ितों के लिए ताती छुड़वाने की रस्म
परंपरा के अनुसार, तेजा दशमी के दिन सर्पदंश से पीड़ित व्यक्तियों की ताती छुड़वाने की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस वर्ष भी कई श्रद्धालुओं ने अपने कष्टों से मुक्ति पाने हेतु यह पूजा करवाई। मान्यता है कि तेजाजी महाराज की कृपा से विष का प्रभाव समाप्त हो जाता है और पीड़ित पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाता है।
मन्नत धारियों ने फलों से तोलकर चढ़ाया प्रसाद
वही मन्नत धारी महिला पुरुषों ने पहुंच कर मन्नत पूर्ण की। भगवान तेजाजी से मनोकामना पूरी होने पर मन्नतधारी श्रद्धालुओं ने विशेष रूप से फलों से अपने शरीर का तौल कर प्रसाद अर्पित किया। यह भावपूर्ण दृश्य मंदिर में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान कर रहा था।
निकला भव्य निशान चल समारोह
देर शाम को बगड़ी नगर से भगवान तेजाजी के पावन निशान का चल समारोह निकाला गया। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें, हाथों में ध्वज लिए भक्तगण, भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते जत्थे और संगीतमय वातावरण ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया। इस पवित्र शोभायात्रा में महिलाओं, युवाओं, वृद्धों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बस स्टैंड पर हुई महाआरती और समापन
चल समारोह का समापन नगर बस स्टैंड पर हुआ, जहाँ भक्तों ने एकत्रित होकर महाआरती की। आरती के दौरान 'तेजाजी महाराज की जय' के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
इधर रामदेव जी के ढोल का चल समारोह नगर में निकल गया ट्रैक्टर पर बड़े ही आकर्षक तरीके से बाबा रामदेव जी की आकर्षक झांकी के साथ ढोल बनाए गए थे डॉल का जगह-जगह स्वागत किया गया डाल के आगे अखाड़े के कलाकार करतब दिखाते हुए चल रहे थे बस स्टैंड पर तेजाजी के निशान चल समारोह एवं रामदेव जी के ढोल के चल समारोह का अदभुत मिलन हुआ।
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