Rajendra Devray / Tue, Jul 8, 2025 / Post views : 276



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नालछा/रिपोर्टर कांतिलाल शर्मा
कलेक्टर के हिदायत के बाद भी डॉक्टर का दुर्व्यवहार जारी
सामूहिक रूप से ग्रामीणों ने चिकित्सक के खिलाफ मामले को लेकर दिया शिकायत पत्र
बगड़ी/स्वास्थ्य केंद्र को लेकर क्षेत्र में चिंताजनक स्थिति बनी हुई है आए दिन स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही का आलम देखने को मिल रहा है ऐसा ही एक मामला नालछा विकासखंड के स्वास्थ्य केंद्र बगड़ी में देखने को मिला।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बगड़ी में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर पंकज कुशवाह की कार्यशैली एवं मरीज के प्रति व्यवहार को लेकर बड़ी संख्या में नाराज ग्रामीण एकत्रित होकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। चिकित्सक को लेकर ग्रामीण नाराज थे। ग्रामीणों ने चिकित्सक को लेकर जिले के अधिकारियों को शिकायत की।यहां करीब 4 घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद जिले के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राकेश शिंदे एवं नायब तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला पहुंचने के बाद ग्रामीण शांत हुए।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के नीति नए कारनामे इन दिनों चर्चा में है। मांडू में पद्मा श्री प्राप्त व्यक्ति से डॉक्टर के दुर्व्यवहार का मामला थमा भी नहीं था कि मांडू से लगे विकासखंड के ही बगड़ी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर कुशवाहा के दुर्व्यवहार से त्रस्त ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मोर्चा संभालना पड़ा। डॉक्टर पर ग्रामीणों ने दुर्व्यवहार बाजार से दवाई बुलवाने अशुभ भाषा में बात करने के साथ विद्यार्थियों ने उनके प्रोजेक्ट पढ़ने की शिकायत भी अधिकारियों से की। इधर धार जिले के कलेक्टर डॉक्टर प्रियंक मिश्रा ने मांडू की घटना के बाद शासकीय सेवकों को साफ चेतावनी दी है कि वह आम जन से मधुर और संवेदनशीलता के साथ परस्पर व्यवहार करें अन्यथा कार्यवाही होगी पर इसका असर भी जिले के अधिकारियों को होता दिखाई नहीं दे रहा है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और यहां पर चिकित्सक की कार्य शैली को लेकर नाराजगी व्यक्ति की ग्रामीणों ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को चिकित्सा के कार्य शैली व व्यवहार को लेकर जानकारी देकर स्वास्थ्य केंद्र बुलाने की मांग पर अडे रहे।
ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीण गगन कामदार, कुंदन पटेल, अशोक पटेल, मोहन पटेल सहित ग्रामीणों ने बताया कि
ग्राम बगड़ी में शासकीय अस्पताल है जो आसपास के 70 गांव का मुख्य केंद्र बिंदु है। जहां आसपास एवं बगड़ी के बहुत से ग्रामीणों का इलाज के लिए विश्वसनीय हॉस्पिटल है यहां पर नियुक्त मेडिकल ऑफिसर पंकज कुशवाह द्वारा जब से नियुक्ति हुई है। तब से सबसे पहले तो उनके द्वारा अस्पताल परिसर के कैमरे बंद कर दिए गए हैं। दूसरा इनके द्वारा प्राइवेट दवाई गोलियां भी लिखी जाती है। तथा वह गोलियां या दवाइयां सिर्फ एक मेडिकल से लाने के लिए दबाव बनाया जाता है। महिला मरीजों के साथ भी इनका व्यवहार अच्छा नहीं है।इसके अलावा अन्य कई बड़े आप भी ग्रामीणों ने चिकित्सक के ऊपर लगाए हैं।
प्रोजेक्ट फाइल फाड़ने का आरोप
कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा मोनिका पटेल एवं खुशबू पटेल ने बताया पढ़ाई के दौरान हमें प्रोजेक्ट फाइल बनाने के लिए कहा गया था। जिसकी हमने बड़ी मेहनत के साथ स्वास्थ्य केंद्र को लेकर प्रोजेक्ट फाइल बनाई थी। जिस पर डॉक्टर की साइन चाहिए थी। इसी को लेकर हम उनके पास गए थे जिसमें हमें काफी परेशान किया गया साथ ही बार-बार उसमें गलती बता कर पूरी मेहनत से बनाई गई ढाई सौ पेज की फाइल को उनके द्वारा फाड़ दी गई इस दौरान उन्होंने विषय संबंधी बातों को छोड़कर अन्य विषयों पर हमसे चर्चा करने लगे।
शिकायत पत्र दिया अधिकारी को
सामूहिक रूप से चिकित्सक की कार्यशैली को लेकर एक लिखित में ग्रामीणों ने शिकायत पत्र मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर शिंदे को दिया एवं उचित कार्रवाई की मांग की।
मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पहुंचे
घटना की जानकारी लगने के बाद नालछा जाने से पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया था इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राकेश शिंदे ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर जोगेंद्र डावर बगड़ी पहुंचे इसी बीच पीथमपुर एसडीएम राहुल गुप्ता को जानकारी लगने के बाद उन्होंने नायब तहसीलदार अनिता बरेठा को भी स्वास्थ्य केंद्र भेजा दोनों ही अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने डॉक्टर को लेकर पूरी जानकारी दी उसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी एवं नायब तहसीलदार ने बारी बारी से सभी लोगों के कथन लिए।
जांच प्रतिवेदन बनाएं
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर जोगेंद्र डावर ने बताया की ग्रामीणों की शिकायत पर बागड़ी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे पूरी स्थिति को समझा है और ग्रामीणों के के अलग-अलग कथन लिए गए हैं साथ ही स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ के भी कथन लिए गए हैं पूरे मामले का एक जांच प्रतिवेदन बनाकर वरिष्ठ अधिकारी को भेजा गया है।
उचित कार्रवाई की जाएगी
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राकेश शिंदे ने बताया कि मौके पर पहुंच कर ग्रामीण एवं स्वास्थ्य कर्मियों से चर्चा की है पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। डीआर शिंदे ने कहा कि चिकित्सक का दायित्व होता है कि मरीज के साथ में परस्पर संबंध में बनाकर उचित व्यवहार करें यह घोर लापरवाही का संकेत है।
फोटो
सामूहिक रूप से ग्रामीणों ने चिकित्सक के खिलाफ मामले को को लेकर शिकायती पत्र मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी राकेश शिंदे को देते हुए ग्रामीण
मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी राकेश शिंदे बगड़ी स्वास्थ्य केंद्र में पीड़ित ग्रामीणों के कथन लेते हुए
चिकित्सक के दुर्व्यवहार एवं कार्य शैली को लेकर नाराज ग्रामीण पहुंचे स्वास्थ्य केंद्र
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