Rajendra Devray / Mon, Jun 15, 2026 / Post views : 224
आत्म-निर्भरता की नई मिसाल बनीं बड़वानी की गुंजन गेहलोत
बड़वानी 15 जून 2026/शासन की कल्याणकारी योजनाओं ने न सिर्फ गरीब और जरूरतमंद परिवारों को संबल दिया है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्म-निर्भर बनकर समाज में एक नया मुकाम भी दिया है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी बड़वानी जिले की रहने वाली गुंजन गेहलोत की है, जो आज शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर गरिमापूर्ण और बेहतर जीवन जी रही हैं।
₹10,000 के छोटे ऋण से की शुरुआत
गुंजन गेहलोत की आर्थिक स्थिति पहले ठीक नहीं थी, लेकिन उनके भीतर कुछ करने का जज्बा था। इसी दौरान उन्हें पीएम स्वनिधि योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के ₹10,000 का पहला लोन प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने फूल-माला का व्यवसाय शुरू किया। कड़ी मेहनत और लगन से उनका यह व्यवसाय चल पड़ा।
ईमानदारी से लोन चुकाया, अब मिला ₹25,000 का दूसरा ऋण

पहले लोन की किश्तें समय पर चुकाने के बाद, योजना के नियमानुसार वे अगले चरण के लिए पात्र हो गईं। व्यवसाय को और विस्तार देने के लिए उन्होंने ₹25,000 का दूसरा लोन लिया। आज वे अपने व्यवसाय को अच्छी तरह से संचालित कर रही हैं और इससे उन्हें हर महीने अच्छा मुनाफा हो रहा है। इस लोन ने उनके व्यवसाय की गाड़ी को रफ्तार दे दी है।
गुंजन गेहलोत केवल एक योजना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें शासन की अन्य महत्वपूर्ण हितग्राही योजनाओं जैसे लाडली बहना योजना, संबल योजना और विधवा पेंशन योजना का भी निरंतर लाभ मिल रहा है। इन बहुआयामी योजनाओं के समन्वय और लाभ ने पति के साये के बिना जीवन यापन कर रहीं गुंजन जी को बड़ा सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच दिया है, जिससे वे आज बिना किसी पर निर्भर रहे स्वाभिमान, गरिमा और आर्थिक आजादी के साथ अपना जीवन संवारकर जिले की अन्य महिलाओं के लिए स्वावलंबन की एक सच्ची प्रेरणा बन चुकी हैं।
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